Shukra Mantra

Shukra Mantra Mantra Meaning And Benefits

Dr. A. Sathya Narayanan | Jan 16, 2018, 18:00 ISTShukra or Venus is the preceptor of the demons. Shukra is one among the beneficial planets who can bless the natives with courage, confidence, wealth, luxuries, comforts, happiness and a highly satisfying married life. The favourable position of Shukra in the horoscope helps the individual attain all riches on the earth and emerge successful in all fronts of life. Here are a set of chosen Shukra mantras and their meanings.Shukra or Venus is the preceptor of the demons. Shukra is one among the beneficial planets who can bless the natives with courage, confidence, wealth, luxuries, comforts, happiness and a highly satisfying married life. The favourable position of Shukra in the horoscope helps the individual attain all riches on the earth and emerge successful in all fronts of life. Here are a set of chosen Shukra mantras and their meanings.
Shukra gayatri mantra

शुक्र के लिए मंत्र

शुक्र के निर्बल होने से जीवन में भोग विलास की कमी हो सकती है. मूत्र संबंधी परेशानियाँ हो सकती है. ऎसी स्थिति में शुक्र के मंत्र जाप करने चाहिए. शुक्र के किसी एक मंत्र का जाप शुक्ल पक्ष के शुक्रवार से आरंभ करना चाहिए. शुक्र के मंत्र जाप सूर्योदय काल में करने चाहिए.

शुक्र का वैदिक मंत्र  – Vedic Mantra for Venus


ऊँ अन्नात्परिस्रुतो रसं ब्रह्मणा व्यपिबत क्षत्रं पय: सेमं प्रजापति: ।
ऋतेन सत्यमिन्दियं विपान ग्वं, शुक्रमन्धस इन्द्रस्येन्द्रियमिदं पयोय्मृतं मधु ।

नाम मंत्र – Naam Mantra For Venus


ऊँ शुं शुक्राय नम:

शुक्र के लिए तांत्रोक्त मंत्र – Tantrokta Mantra for Venus

  • ऊँ ह्रीं श्रीं शुक्राय नम:
  • ऊँ द्रां द्रीं द्रौं स: शुक्राय नम:
  • ऊँ वस्त्रं मे देहि शुक्राय स्वाहा

शुक्र का पौराणिक मंत्र – Poranik Mantra for Venus


ऊँ हिमकुन्दमृणालाभं दैत्यानां परमं गुरुम सर्वशास्त्रप्रवक्तारं भार्गवं प्रणमाम्यहम

शुक्र ग्रह का शुभ होना जहां जीवन में खुशहाली के लिए आवश्यक है, वहीं जीवन में सभी प्रकार की सुख-सुविधाएं पाने तथा आर्थिक संपन्नता के लिए शुक्र ग्रह का एक शुभ होना अत्यंत मायने रखता है। शुक्रवार को जहां मां लक्ष्मी का दिन माना जाता है, यह दिन शुक्र ग्रह से जुड़ा भी माना जाता है। इसलिए इस दिन शुक्र ग्रह की अशुभता दूर करने के लिए किए गए उपाय अपने आप ही आपको मां लक्ष्मी का कृपा पात्र भी बनाता है।

यहां हम आपको इलायची के साथ शुक्र मंत्र का जाप करने का एक खास उपाय बता रहे हैं, जो धन-संपत्ति समेत आपकी हर प्रकार की समस्या दूर करने के साथ ही आपकी हर मनोकामना पूरी कर सकता है। इसे आप किसी भी शुक्रवार को कर सकते हैं लेकिन ध्यान बस इतना रखें कि इसे रात में और विशेष कर रात 8 बजे के बाद ही करें।

कैसे करें उपाय

शाम के समय अच्छी प्रकार हाथ-पैर धुलकर स्वच्छ हो लें। 3 हरी इलायची लें।

अगर आपके घर पूजास्थल है, तो वहां जाएं और अगर नहीं है तो गरूड़ पर सवार या कमल के आसन पर बैठी हुई मां लक्ष्मी की तस्वीर को घर के किसी शांत और साफ जगह पर स्थापित करें।

अब उस तस्वीर के सामने सभी तीन इलायची रख दें। ईष्टदेव का पहले ध्यान करें, फिर मां लक्ष्मी- भगवान विष्णु का ध्यान करते हुए शुक्रदेव से अपनी मनोकामना पूरी करने तथा सभी परेशानियां दूर करने की मन ही मन प्रार्थना करें। अब शुक्र मंत्र “ऊं द्रां द्रीं द्रौं स: शुक्राय नम:” का 21 बार जाप करें।

इसके पश्चात सभी इलायची को दायें हाथ की मुट्ठी में लें और उसी प्रकार मुट्ठी बंद किए हुए घर के बार जाएं और इसके 3 उल्टे चक्कर (एंटी-क्लॉक वाइज) लगाएं। अब पूजा घर या जहां भी आपने पूजा की थी, वहां आकर बैठ जाएं और सभी भगवान, देवों, नवग्रहों का ध्यान करते हुए अपनी परेशानियां मुंह से बोलकर दूर होने की प्रार्थना करें। ऐसा करते हुए आपकी मुट्ठी उसी प्रकार बंद होनी चाहिए। अब मुट्ठी खोलें और उसपर 3 बार फूंक मारें। अब इस इलायची को किसी स्टील या तांबे के कटोरे या कटोरी में रखकर मुख्य द्वार पर ले जाएं।

वहां इसपर कुछ कपूर भी रखें और जला दें। पूरा जलने दें। जब जलकर खत्म हो जाए और राख बचे तो उसे तुलसी के पौधे में डाल दें। तुलसी ना हो तो इसी भी पुधे में डाल सकते हैं। दोनों ही न होने पर पानी में भी प्रवाहित कर सकते हैं। कुछ ही दिनों में आपको असर दिखेगा।

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